QURANACADEMY
क़ुरआन क़ुरआन हिफ़्ज़इंटरैक्टिव पाठसहायता

सूरह 37 As-Saffat (Standing in rows), आयत 116

  1. وَنَصَرْنَاهُمْ فَكَانُوا هُمُ الْغَالِبِينَ

    And We supported them so it was they who overcame.

    37:116

अनुवाद: Saheeh International

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