QURANACADEMY
क़ुरआन क़ुरआन हिफ़्ज़इंटरैक्टिव पाठसहायता

सूरह 26 Ash-Shu'ara' (The Poets), आयत 204

  1. أَفَبِعَذَابِنَا يَسْتَعْجِلُونَ

    So for Our punishment are they impatient?

    26:204

अनुवाद: Saheeh International

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