सूरह 95 अत्-तीन, आयत 1 – 3
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وَالتِّينِ وَالزَّيْتُونِ
क़सम है अंजीर की! तथा ज़ैतून की!
95:1 -
وَطُورِ سِينِينَ
एवं "तूरे सीनीन" की क़सम!
95:2 -
وَهَٰذَا الْبَلَدِ الْأَمِينِ
और इस शान्ति वाले नगर की क़सम!
95:3
अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari