सूरह 94 अश्-शर्ह़, आयत 1 – 8

  1. أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ

    (ऐ नबी!) क्या हमने तुम्हारे लिए तुम्हारा सीना नहीं खोल दिया?

    94:1
  2. وَوَضَعْنَا عَنْكَ وِزْرَكَ

    और हमने आपसे आपका बोझ उतार दिया।

    94:2
  3. الَّذِي أَنْقَضَ ظَهْرَكَ

    जिसने आपकी कमर तोड़ दी थी।

    94:3
  4. وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ

    और हमने आपके लिए आपका ज़िक्र ऊँचा कर दिया।

    94:4
  5. فَإِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا

    निःसंदेह हर कठिनाई के साथ एक आसानी है।

    94:5
  6. إِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا

    निःसंदेह (उस) कठिनाई के साथ एक (और) आसानी है।

    94:6
  7. فَإِذَا فَرَغْتَ فَانْصَبْ

    अतः, जब आप फ़ारिग़ हो जाएँ, तो परिश्रम करें।

    94:7
  8. وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَارْغَبْ

    और अपने पालनहार की ओर अपना ध्यान लगाएँ।

    94:8

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी