सूरह 90 अल्-बलद, आयत 13 – 18

  1. فَكُّ رَقَبَةٍ

    (वह) गर्दन छुड़ाना है।

    90:13
  2. أَوْ إِطْعَامٌ فِي يَوْمٍ ذِي مَسْغَبَةٍ

    या किसी भूख वाले दिन में खाना खिलाना है।

    90:14
  3. يَتِيمًا ذَا مَقْرَبَةٍ

    किसी रिश्तेदार अनाथ को।

    90:15
  4. أَوْ مِسْكِينًا ذَا مَتْرَبَةٍ

    या मिट्टी में लथड़े हुए निर्धन को।

    90:16
  5. ثُمَّ كَانَ مِنَ الَّذِينَ آمَنُوا وَتَوَاصَوْا بِالصَّبْرِ وَتَوَاصَوْا بِالْمَرْحَمَةِ

    फिर वह उन लोगों में से हो, जो ईमान लाए और एक-दूसरे को धैर्य रखने की सलाह दी और एक-दूसरे को दया करने की सलाह दी।

    90:17
  6. أُولَٰئِكَ أَصْحَابُ الْمَيْمَنَةِ

    यही लोग दाहिने हाथ वाले (सौभाग्यशाली) हैं।

    90:18

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी