सूरह 89 अल्-फ़ज्र, आयत 1 – 5
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وَالْفَجْرِ
क़सम है फ़ज्र (उषाकाल) की!
89:1 -
وَلَيَالٍ عَشْرٍ
तथा दस रातों की!
89:2 -
وَالشَّفْعِ وَالْوَتْرِ
और सम (जोड़े) और विषम (अकेले) की!
89:3 -
وَاللَّيْلِ إِذَا يَسْرِ
और रात की, जब वह चलती है!
89:4 -
هَلْ فِي ذَٰلِكَ قَسَمٌ لِذِي حِجْرٍ
निश्चय इसमें बुद्धिमान के लिए बड़ी क़सम है?
89:5
अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी