सूरह 87 अल्-आला, आयत 6 – 7
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سَنُقْرِئُكَ فَلَا تَنْسَىٰ
(ऐ नबी!) हम तुम्हें ऐसा पढ़ाएँगे कि तुम नहीं भूलोगे।
87:6 -
إِلَّا مَا شَاءَ اللَّهُ ۚ إِنَّهُ يَعْلَمُ الْجَهْرَ وَمَا يَخْفَىٰ
परन्तु जो अल्लाह चाहे। निश्चय ही वह खुली बात को जानता है और उस बात को भी जो छिपी हुई है।
87:7
अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari