सूरह 87 अल्-आला, आयत 14 – 19
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قَدْ أَفْلَحَ مَنْ تَزَكَّىٰ
निश्चय वह सफल हो गया, जो पाक हो गया।
87:14 -
وَذَكَرَ اسْمَ رَبِّهِ فَصَلَّىٰ
तथा अपने पालनहार के नाम को याद किया और नमाज़ पढ़ी।
87:15 -
بَلْ تُؤْثِرُونَ الْحَيَاةَ الدُّنْيَا
बल्कि तुम सांसारिक जीवन को प्राथमिकता देते हो।
87:16 -
وَالْآخِرَةُ خَيْرٌ وَأَبْقَىٰ
हालाँकि आख़िरत बहुत उत्तम और अधिक बाक़ी रहने वाली है।
87:17 -
إِنَّ هَٰذَا لَفِي الصُّحُفِ الْأُولَىٰ
निःसंदेह यह बात पहले सह़ीफ़ों (ग्रंथों) में है।
87:18 -
صُحُفِ إِبْرَاهِيمَ وَمُوسَىٰ
इबराहीम तथा मूसा के सह़ीफ़ों (ग्रंथों) में।
87:19
अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari