सूरह 87 अल्-आला, आयत 14 – 19

  1. قَدْ أَفْلَحَ مَنْ تَزَكَّىٰ

    निश्चय वह सफल हो गया, जो पाक हो गया।

    87:14
  2. وَذَكَرَ اسْمَ رَبِّهِ فَصَلَّىٰ

    तथा अपने पालनहार के नाम को याद किया और नमाज़ पढ़ी।

    87:15
  3. بَلْ تُؤْثِرُونَ الْحَيَاةَ الدُّنْيَا

    बल्कि तुम सांसारिक जीवन को प्राथमिकता देते हो।

    87:16
  4. وَالْآخِرَةُ خَيْرٌ وَأَبْقَىٰ

    हालाँकि आख़िरत बहुत उत्तम और अधिक बाक़ी रहने वाली है।

    87:17
  5. إِنَّ هَٰذَا لَفِي الصُّحُفِ الْأُولَىٰ

    निःसंदेह यह बात पहले सह़ीफ़ों (ग्रंथों) में है।

    87:18
  6. صُحُفِ إِبْرَاهِيمَ وَمُوسَىٰ

    इबराहीम तथा मूसा के सह़ीफ़ों (ग्रंथों) में।

    87:19

अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari