सूरह 87 अल्-आला, आयत 1 – 8

  1. سَبِّحِ اسْمَ رَبِّكَ الْأَعْلَى

    अपने सर्वोच्च पालनहार के नाम की पवित्रता का वर्णन करो।

    87:1
  2. الَّذِي خَلَقَ فَسَوَّىٰ

    जिसने पैदा किया और ठीक-ठीक बनाया।

    87:2
  3. وَالَّذِي قَدَّرَ فَهَدَىٰ

    और जिसने (हर चीज़ को) अनुमानित किया, फिर मार्ग दिखाया।

    87:3
  4. وَالَّذِي أَخْرَجَ الْمَرْعَىٰ

    और जिसने चारा उगाया।

    87:4
  5. فَجَعَلَهُ غُثَاءً أَحْوَىٰ

    फिर उसे (सुखाकर) काले रंग का कूड़ा बना दिया।

    87:5
  6. سَنُقْرِئُكَ فَلَا تَنْسَىٰ

    (ऐ नबी!) हम तुम्हें ऐसा पढ़ाएँगे कि तुम नहीं भूलोगे।

    87:6
  7. إِلَّا مَا شَاءَ اللَّهُ ۚ إِنَّهُ يَعْلَمُ الْجَهْرَ وَمَا يَخْفَىٰ

    परन्तु जो अल्लाह चाहे। निश्चय ही वह खुली बात को जानता है और उस बात को भी जो छिपी हुई है।

    87:7
  8. وَنُيَسِّرُكَ لِلْيُسْرَىٰ

    और हम तुम्हारे लिए सरल मार्ग आसान कर देंगे।

    87:8

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी