सूरह 86 अत्-तारिक़, आयत 1 – 3

  1. وَالسَّمَاءِ وَالطَّارِقِ

    क़सम है आकाश की तथा रात में प्रकट होने वाले की!

    86:1
  2. وَمَا أَدْرَاكَ مَا الطَّارِقُ

    और तुम क्या जानो कि रात में प्रकट होने वाला क्या है?

    86:2
  3. النَّجْمُ الثَّاقِبُ

    वह चमकता हुआ सितारा है।

    86:3

अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari