सूरह 85 अल्-बुरूज, आयत 1 – 10

  1. وَالسَّمَاءِ ذَاتِ الْبُرُوجِ

    क़सम है बुर्जों वाले आकाश की!

    85:1
  2. وَالْيَوْمِ الْمَوْعُودِ

    और क़सम है उस दिन की, जिसका वादा किया गया है!

    85:2
  3. وَشَاهِدٍ وَمَشْهُودٍ

    क़सम है गवाह की और उसकी, जिसके बारे में गवाही दी जाएगी!

    85:3
  4. قُتِلَ أَصْحَابُ الْأُخْدُودِ

    खाई वालों का नाश हो गया!

    85:4
  5. النَّارِ ذَاتِ الْوَقُودِ

    जिसमें ईंधन से भरी आग थी।

    85:5
  6. إِذْ هُمْ عَلَيْهَا قُعُودٌ

    जबकि वे उस (के किनारों) पर बैठे हुए थे।

    85:6
  7. وَهُمْ عَلَىٰ مَا يَفْعَلُونَ بِالْمُؤْمِنِينَ شُهُودٌ

    और वे ईमान वालों के साथ जो कुछ कर रहे थे, उस पर गवाह थे।

    85:7
  8. وَمَا نَقَمُوا مِنْهُمْ إِلَّا أَنْ يُؤْمِنُوا بِاللَّهِ الْعَزِيزِ الْحَمِيدِ

    और उन्हें ईमान वालों की केवल यह बात बुरी लगी कि वे उस अल्लाह पर ईमान रखते थे, जो प्रभुत्वशाली और हर प्रकार की प्रशंसा के योग्य है।

    85:8
  9. الَّذِي لَهُ مُلْكُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۚ وَاللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ شَهِيدٌ

    वह (अल्लाह) कि जिसके लिए आकाशों और धरती का राज्य है, और अल्लाह हर चीज़ से अवगत है।

    85:9
  10. إِنَّ الَّذِينَ فَتَنُوا الْمُؤْمِنِينَ وَالْمُؤْمِنَاتِ ثُمَّ لَمْ يَتُوبُوا فَلَهُمْ عَذَابُ جَهَنَّمَ وَلَهُمْ عَذَابُ الْحَرِيقِ

    निश्चय जिन लोगों ने ईमान वाले पुरुषों और ईमान वाली स्त्रियों को परीक्षण में डाला (सताया), फिर तौबा न की, तो उनके लिए जहन्नम की यातना है तथा उनके लिए जलाने वाली यातना है।

    85:10

अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari