सूरह 83 अल्-मुतफ़्फ़िफ़ीन, आयत 18 – 21

  1. كَلَّا إِنَّ كِتَابَ الْأَبْرَارِ لَفِي عِلِّيِّينَ

    हरगिज़ नहीं, निःसंदेह नेक लोगों का कर्म-पत्र निश्चय "इल्लिय्यीन" में है।

    83:18
  2. وَمَا أَدْرَاكَ مَا عِلِّيُّونَ

    और तुम क्या जानो कि 'इल्लिय्यीन' क्या है?

    83:19
  3. كِتَابٌ مَرْقُومٌ

    वह एक लिखित पुस्तक है।

    83:20
  4. يَشْهَدُهُ الْمُقَرَّبُونَ

    जिसके पास समीपवर्ती (फरिश्ते) उपस्थित रहते हैं।

    83:21

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी