सूरह 79 अन्-नाज़िआ़त, आयत 15 – 26
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هَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ مُوسَىٰ
(ऐ नबी!) क्या आपके पास मूसा की बात पहुँची है?
79:15 -
إِذْ نَادَاهُ رَبُّهُ بِالْوَادِ الْمُقَدَّسِ طُوًى
जब उसके पालनहार ने उसे पवित्र घाटी 'तुवा' में पुकारा।
79:16 -
اذْهَبْ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ إِنَّهُ طَغَىٰ
फ़िरऔन के पास जाओ, निश्चय वह हद से बढ़ गया है।
79:17 -
فَقُلْ هَلْ لَكَ إِلَىٰ أَنْ تَزَكَّىٰ
फिर उससे कहो : क्या तुझे इस बात की इच्छा है कि तू पवित्र हो जाए?
79:18 -
وَأَهْدِيَكَ إِلَىٰ رَبِّكَ فَتَخْشَىٰ
और मैं तेरे पालनहार की ओर तेरा मार्गदर्शन करूँ, तो तू डर जाए?
79:19 -
فَأَرَاهُ الْآيَةَ الْكُبْرَىٰ
फिर उसे सबसे बड़ी निशानी (चमत्कार) दिखाई।
79:20 -
فَكَذَّبَ وَعَصَىٰ
तो उसने झुठला दिया और अवज्ञा की।
79:21 -
ثُمَّ أَدْبَرَ يَسْعَىٰ
फिर वह पलटा (मूसा अलैहिस्सलाम के विरोध का) प्रयास करते हुए।
79:22 -
فَحَشَرَ فَنَادَىٰ
फिर उसने (लोगों को) एकत्रित किया। फिर पुकारा।
79:23 -
فَقَالَ أَنَا رَبُّكُمُ الْأَعْلَىٰ
तो उसने कहा : मैं तुम्हारा सबसे ऊँचा पालनहार हूँ।
79:24 -
فَأَخَذَهُ اللَّهُ نَكَالَ الْآخِرَةِ وَالْأُولَىٰ
तो अल्लाह ने उसे आख़िरत और दुनिया की यातना में पकड़ लिया।
79:25 -
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَعِبْرَةً لِمَنْ يَخْشَىٰ
निःसंदेह इसमें उस व्यक्ति के लिए शिक्षा है, जो डरता है।
79:26
अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी