सूरह 75 अल्-क़ियामह, आयत 17 – 19

  1. إِنَّ عَلَيْنَا جَمْعَهُ وَقُرْآنَهُ

    निःसंदेह उसको एकत्र करना और (आपका) उसे पढ़ना हमारे ज़िम्मे है।

    75:17
  2. فَإِذَا قَرَأْنَاهُ فَاتَّبِعْ قُرْآنَهُ

    अतः जब हम उसे पढ़ लें, तो आप उसके पठन का अनुसरण करें।

    75:18
  3. ثُمَّ إِنَّ عَلَيْنَا بَيَانَهُ

    फिर निःसंदेह उसे स्पषट करना हमारे ही ज़िम्मे है।

    75:19

अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari