सूरह 69 अल्-ह़ाक़्क़ा, आयत 40 – 42

  1. إِنَّهُ لَقَوْلُ رَسُولٍ كَرِيمٍ

    निःसंदेह यह (क़ुरआन) एक सम्मानित रसूल का कथन है।

    69:40
  2. وَمَا هُوَ بِقَوْلِ شَاعِرٍ ۚ قَلِيلًا مَا تُؤْمِنُونَ

    और यह किसी कवि की वाणी नहीं है। तुम बहुत कम ईमान लाते हो।

    69:41
  3. وَلَا بِقَوْلِ كَاهِنٍ ۚ قَلِيلًا مَا تَذَكَّرُونَ

    और न किसी काहिन की वाणी है, तुम बहुत कम शिक्षा ग्रहण करते हो।

    69:42

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी