सूरह 55 अर्-रह़मान, आयत 43 – 44

  1. هَٰذِهِ جَهَنَّمُ الَّتِي يُكَذِّبُ بِهَا الْمُجْرِمُونَ

    यही है वह जहन्नम, जिसे अपराधी लोग झुठलाते थे।

    55:43
  2. يَطُوفُونَ بَيْنَهَا وَبَيْنَ حَمِيمٍ آنٍ

    वे उसके और खौलते हुए पानी के बीच चक्कर लगा रहे होंगे।

    55:44

अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari