सूरह 55 अर्-रह़मान, आयत 34 – 35
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فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
55:34 -
يُرْسَلُ عَلَيْكُمَا شُوَاظٌ مِنْ نَارٍ وَنُحَاسٌ فَلَا تَنْتَصِرَانِ
तुम दोनों पर आग का ज्वाला तथा धुआँ छोड़ा जाएगा। फिर तुम अपने आपको बचा नहीं सकोगे।
55:35
अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari