सूरह 53 अन्-नज्म, आयत 3 – 5
-
وَمَا يَنْطِقُ عَنِ الْهَوَىٰ
और न वह अपनी इच्छा से बोलता है।
53:3 -
إِنْ هُوَ إِلَّا وَحْيٌ يُوحَىٰ
वह तो केवल वह़्य है, जो उतारी जाती है।
53:4 -
عَلَّمَهُ شَدِيدُ الْقُوَىٰ
उसे बहुत मज़ूबत शक्तियों वाले (फ़रिश्ते) ने सिखाया है।
53:5
अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari