सूरह 53 अन्-नज्म, आयत 19 – 23

  1. أَفَرَأَيْتُمُ اللَّاتَ وَالْعُزَّىٰ

    फिर क्या तुमने लात और उज़्ज़ा को देखा।

    53:19
  2. وَمَنَاةَ الثَّالِثَةَ الْأُخْرَىٰ

    तथा तीसरी एक और (मूर्ति) मनात को?

    53:20
  3. أَلَكُمُ الذَّكَرُ وَلَهُ الْأُنْثَىٰ

    क्या तुम्हारे लिए पुत्र हैं और उस (अल्लाह) के लिए पुत्रियाँ?

    53:21
  4. تِلْكَ إِذًا قِسْمَةٌ ضِيزَىٰ

    तब तो यह बड़ा अन्यायपूर्ण बँटवारा है।

    53:22
  5. إِنْ هِيَ إِلَّا أَسْمَاءٌ سَمَّيْتُمُوهَا أَنْتُمْ وَآبَاؤُكُمْ مَا أَنْزَلَ اللَّهُ بِهَا مِنْ سُلْطَانٍ ۚ إِنْ يَتَّبِعُونَ إِلَّا الظَّنَّ وَمَا تَهْوَى الْأَنْفُسُ ۖ وَلَقَدْ جَاءَهُمْ مِنْ رَبِّهِمُ الْهُدَىٰ

    ये (मूर्तियाँ) कुछ नामों के सिवा कुछ भी नहीं हैं, जो तुमने तथा तुम्हारे बाप-दादा ने रख लिए हैं। अल्लाह ने इनका कोई प्रमाण नहीं उतारा है। ये लोग केवल अटकल के और उन चीज़ों के पीछे चल रहे हैं जो उनके दिल चाहते हैं। जबकि निःसंदेह उनके पास उनके पालनहार की ओर से मार्गदर्शन आ चुका है।

    53:23

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी