सूरह 52 अत्-तूर, आयत 1 – 10

  1. وَالطُّورِ

    क़सम है तूर (पर्वत) की!

    52:1
  2. وَكِتَابٍ مَسْطُورٍ

    और एक पुस्तक की जो लिखी हुई है!

    52:2
  3. فِي رَقٍّ مَنْشُورٍ

    ऐसे पन्ने में जो खुला हुआ है।

    52:3
  4. وَالْبَيْتِ الْمَعْمُورِ

    तथा बैतुल-मा'मूर (आबाद घर) की!

    52:4
  5. وَالسَّقْفِ الْمَرْفُوعِ

    तथा ऊँची उठाई हुई छत (आकाश) की!

    52:5
  6. وَالْبَحْرِ الْمَسْجُورِ

    और लबालब भरे हुए समुद्र की!

    52:6
  7. إِنَّ عَذَابَ رَبِّكَ لَوَاقِعٌ

    कि निश्चय आपके पालनहार की यातना अवश्चय घटित होने वाली है।

    52:7
  8. مَا لَهُ مِنْ دَافِعٍ

    उसे कोई टालने वाला नहीं।

    52:8
  9. يَوْمَ تَمُورُ السَّمَاءُ مَوْرًا

    जिस दिन आकाश बुरी तरह डगमगाएगा।

    52:9
  10. وَتَسِيرُ الْجِبَالُ سَيْرًا

    तथा पर्वत बहुत तेज़ी से चलेंगे।

    52:10

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी