सूरह 51 अज़्-ज़ारियात, आयत 52 – 54

  1. كَذَٰلِكَ مَا أَتَى الَّذِينَ مِنْ قَبْلِهِمْ مِنْ رَسُولٍ إِلَّا قَالُوا سَاحِرٌ أَوْ مَجْنُونٌ

    इसी प्रकार, उन लोगों के पास जो इनसे पहले थे, जब भी कोई रसूल आया, तो उन्होंने कहा : यह जादूगर है, या पागल।

    51:52
  2. أَتَوَاصَوْا بِهِ ۚ بَلْ هُمْ قَوْمٌ طَاغُونَ

    क्या उन्होंने एक-दूसरे को इस (बात) की वसीयत की है? बल्कि वे (स्वयं ही) सरकश लोग हैं।

    51:53
  3. فَتَوَلَّ عَنْهُمْ فَمَا أَنْتَ بِمَلُومٍ

    अतः आप उनसे मुँह फेर लें। क्योंकि आपपर कोई दोष नहीं है।

    51:54

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी