सूरह 51 अज़्-ज़ारियात, आयत 1 – 11
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وَالذَّارِيَاتِ ذَرْوًا
क़सम है उन (हवाओं) की जो (धूल आदि) उड़ाने वाली हैं!
51:1 -
فَالْحَامِلَاتِ وِقْرًا
फिर पानी का बड़ा भारी बोझ उठाने वाले बादलों की!
51:2 -
فَالْجَارِيَاتِ يُسْرًا
फिर आसानी से चलने वाली नावों की!
51:3 -
فَالْمُقَسِّمَاتِ أَمْرًا
फिर (अल्लाह का) आदेश बाँटने वाले (फ़रिश्तों की)!
51:4 -
إِنَّمَا تُوعَدُونَ لَصَادِقٌ
निःसंदेह जो तुमसे वादा किया जाता है, निश्चय वह सत्य है।
51:5 -
وَإِنَّ الدِّينَ لَوَاقِعٌ
तथा निःसंदेह हिसाब अनिवार्य रूप से घटित होने वाला है।
51:6 -
وَالسَّمَاءِ ذَاتِ الْحُبُكِ
क़सम है रास्तों वाले आकाश की!
51:7 -
إِنَّكُمْ لَفِي قَوْلٍ مُخْتَلِفٍ
निःसंदेह तुम निश्चय एक विवादास्पद बात में पड़े हो।
51:8 -
يُؤْفَكُ عَنْهُ مَنْ أُفِكَ
उससे वही फेरा जाता है, जो (अल्लाह के ज्ञान में) फेर दिया गया है।
51:9 -
قُتِلَ الْخَرَّاصُونَ
अटकल लगाने वाले मारे गए।
51:10 -
الَّذِينَ هُمْ فِي غَمْرَةٍ سَاهُونَ
जो बड़ी ग़फ़लत में भूले हुए हैं।
51:11
अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी