सूरह 50 क़ाफ़, आयत 21 – 23

  1. وَجَاءَتْ كُلُّ نَفْسٍ مَعَهَا سَائِقٌ وَشَهِيدٌ

    तथा प्रत्येक व्यक्ति इस दशा में आएगा कि उसके साथ एक हाँकने वाला और एक गवाह होगा।

    50:21
  2. لَقَدْ كُنْتَ فِي غَفْلَةٍ مِنْ هَٰذَا فَكَشَفْنَا عَنْكَ غِطَاءَكَ فَبَصَرُكَ الْيَوْمَ حَدِيدٌ

    निःसंदेह तू इससे बड़ी ग़फ़लत में था। सो हमने तुझसे तेरा परदा हटा दिया। तो तेरी दृष्टि आज बड़ी पैनी है।

    50:22
  3. وَقَالَ قَرِينُهُ هَٰذَا مَا لَدَيَّ عَتِيدٌ

    तथा उसका साथी कहेगा : यह है (उसके कर्मों का विवरण) जो मेरे पास तैयार है।

    50:23

अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari