सूरह 37 अस्-साफ़्फ़ात, आयत 123 – 132

  1. وَإِنَّ إِلْيَاسَ لَمِنَ الْمُرْسَلِينَ

    तथा निःसंदेह इलयास निश्चय नबियों में से थे।

    37:123
  2. إِذْ قَالَ لِقَوْمِهِ أَلَا تَتَّقُونَ

    जब उसने अपनी जाति से कहा : क्या तुम डरते नहीं?

    37:124
  3. أَتَدْعُونَ بَعْلًا وَتَذَرُونَ أَحْسَنَ الْخَالِقِينَ

    क्या तुम 'बअ्ल' (नामक मूर्ति) को पुकारते हो? तथा पैदा करने वालों में सबस बेहतर को छोड़ देते हो?

    37:125
  4. اللَّهَ رَبَّكُمْ وَرَبَّ آبَائِكُمُ الْأَوَّلِينَ

    अल्लाह को, जो तुम्हारा पालनहार है तथा तुम्हारे पहले बाप-दादा का पालनहार है।

    37:126
  5. فَكَذَّبُوهُ فَإِنَّهُمْ لَمُحْضَرُونَ

    किंतु उन्होंने उसे झुठला दिया। तो निश्चय वे अवश्य हाज़िर किए जाने वाले हैं।

    37:127
  6. إِلَّا عِبَادَ اللَّهِ الْمُخْلَصِينَ

    सिवाय अल्लाह के ख़ालिस किए हुए बंदों के।

    37:128
  7. وَتَرَكْنَا عَلَيْهِ فِي الْآخِرِينَ

    और हमने पीछे आने वालों में उसके लिए (अच्छा स्मरण) बाक़ी रखा।

    37:129
  8. سَلَامٌ عَلَىٰ إِلْ يَاسِينَ

    सलाम हो इल्यासीन पर।

    37:130
  9. إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِي الْمُحْسِنِينَ

    निःसंदेह हम सदाचारियों को इसी तरह बदला देते हैं।

    37:131
  10. إِنَّهُ مِنْ عِبَادِنَا الْمُؤْمِنِينَ

    निश्चय वह हमारे ईमान वाले बंदों में से था।

    37:132

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी