सूरह 37 अस्-साफ़्फ़ात, आयत 1 – 23
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وَالصَّافَّاتِ صَفًّا
क़सम है पंक्तिबद्ध (फ़रिश्तों) की!
37:1 -
فَالزَّاجِرَاتِ زَجْرًا
फिर झिड़क कर डाँटने वालों की!
37:2 -
فَالتَّالِيَاتِ ذِكْرًا
फिर (अल्लाह के) ज़िक्र (वाणी) की तिलावत करने वालों की।
37:3 -
إِنَّ إِلَٰهَكُمْ لَوَاحِدٌ
निःसंदेह तुम्हारा पूज्य निश्चय एक ही है।
37:4 -
رَبُّ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا وَرَبُّ الْمَشَارِقِ
जो आकाशों और धरती का तथा उन दोनों के बीच की समस्त चीज़ों का स्वामी है और सूर्य के उदय होने के सभी स्थानों का मालिक है।
37:5 -
إِنَّا زَيَّنَّا السَّمَاءَ الدُّنْيَا بِزِينَةٍ الْكَوَاكِبِ
निःसंदेह हमने संसार के आकाश को एक सुंदर शृंगार के साथ सुशोभित किया है, जो सितारे हैं।
37:6 -
وَحِفْظًا مِنْ كُلِّ شَيْطَانٍ مَارِدٍ
और प्रत्येक सरकश शैतान से सुरक्षित करने के लिए।
37:7 -
لَا يَسَّمَّعُونَ إِلَى الْمَلَإِ الْأَعْلَىٰ وَيُقْذَفُونَ مِنْ كُلِّ جَانِبٍ
वे सर्वोच्च सभा (मला-ए-आ'ला) के फ़रिश्तों की बात नहीं सुन सकते, तथा वे हर ओर से (उल्काओं से) मारे जाते हैं।
37:8 -
دُحُورًا ۖ وَلَهُمْ عَذَابٌ وَاصِبٌ
भगाने के लिए। तथा उनके लिए स्थायी यातना है।
37:9 -
إِلَّا مَنْ خَطِفَ الْخَطْفَةَ فَأَتْبَعَهُ شِهَابٌ ثَاقِبٌ
परंतु जो कोई (शैतान फरिश्तों की किसी बात को) अचानक उचक ले जाए, तो एक दहकता हुआ अंगारा (उल्का) उसका पीछा करता है।
37:10 -
فَاسْتَفْتِهِمْ أَهُمْ أَشَدُّ خَلْقًا أَمْ مَنْ خَلَقْنَا ۚ إِنَّا خَلَقْنَاهُمْ مِنْ طِينٍ لَازِبٍ
तो आप इन (काफ़िरों) से पूछें कि क्या इन्हें पैदा करना अधिक कठिन है या उनका जिन्हें हम पैदा कर चुके? निःसंदेह हमने उन्हें एक लेसदार मिट्टी से पैदा किया है।
37:11 -
بَلْ عَجِبْتَ وَيَسْخَرُونَ
बल्कि आपने आश्चर्य किया और वे उपहास करते हैं।
37:12 -
وَإِذَا ذُكِّرُوا لَا يَذْكُرُونَ
और जब उन्हें नसीहत की जाए, तो वे क़बूल नहीं करते।
37:13 -
وَإِذَا رَأَوْا آيَةً يَسْتَسْخِرُونَ
और जब वे कोई निशानी देखते हैं, तो खूब उपहास करते हैं।
37:14 -
وَقَالُوا إِنْ هَٰذَا إِلَّا سِحْرٌ مُبِينٌ
तथा कहते हैं कि यह तो मात्र खुला जादू है।
37:15 -
أَإِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًا وَعِظَامًا أَإِنَّا لَمَبْعُوثُونَ
क्या जब हम मर गए और मिट्टी तथा हड्डियाँ हो चुके, तो क्या सचमुच हम अवश्य उठाए जाने वाले हैं?
37:16 -
أَوَآبَاؤُنَا الْأَوَّلُونَ
और क्या हमारे पहले बाप-दादा भी (उठाए जाएँगे)?
37:17 -
قُلْ نَعَمْ وَأَنْتُمْ دَاخِرُونَ
आप कह दीजिए : हाँ! तथा तुम अपमानित (भी) होगे!
37:18 -
فَإِنَّمَا هِيَ زَجْرَةٌ وَاحِدَةٌ فَإِذَا هُمْ يَنْظُرُونَ
वह बस एक ही झिड़की होगी, तो एकाएक वे देख रहे होंगे।
37:19 -
وَقَالُوا يَا وَيْلَنَا هَٰذَا يَوْمُ الدِّينِ
तथा वे कहेंगे : हाय हमारा विनाश! यह तो बदले का दिन है।
37:20 -
هَٰذَا يَوْمُ الْفَصْلِ الَّذِي كُنْتُمْ بِهِ تُكَذِّبُونَ
यही निर्णय का दिन है, जिसे तुम झुठलाया करते थे।
37:21 -
احْشُرُوا الَّذِينَ ظَلَمُوا وَأَزْوَاجَهُمْ وَمَا كَانُوا يَعْبُدُونَ
(आदेश होगा कि) इकट्ठा करो उन लोगों को जिन्होंने अत्याचार किया तथा उनके साथियों को और जिनकी वे उपासना किया करते थे ।
37:22 -
مِنْ دُونِ اللَّهِ فَاهْدُوهُمْ إِلَىٰ صِرَاطِ الْجَحِيمِ
अल्लाह के सिवा। फिर उन्हें जहन्नम की राह दिखा दो।
37:23
अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी