सूरह 2 अल्-ब-क़-रा, आयत 238 – 239

  1. حَافِظُوا عَلَى الصَّلَوَاتِ وَالصَّلَاةِ الْوُسْطَىٰ وَقُومُوا لِلَّهِ قَانِتِينَ

    सब नमाज़ों का और (विशेषकर) बीच की नमाज़ (अस्र) का ध्यान रखो तथा अल्लाह के लिए आज्ञाकारी होकर (विनयपूर्वक) खड़े रहो।

    2:238
  2. فَإِنْ خِفْتُمْ فَرِجَالًا أَوْ رُكْبَانًا ۖ فَإِذَا أَمِنْتُمْ فَاذْكُرُوا اللَّهَ كَمَا عَلَّمَكُمْ مَا لَمْ تَكُونُوا تَعْلَمُونَ

    फिर यदि तुम्हें भय हो, तो पैदल (नमाज़) पढ़ लो या सवार। फिर जब भय दूर हो जाए, तो अल्लाह को याद करो जैसे उसने तुम्हें सिखाया है, जो तुम नहीं जानते थे।

    2:239

अनुवाद: Azizul Haq al-Omari