सूरह 26 अश्-शु-अ़-रा, आयत 193 – 194

  1. نَزَلَ بِهِ الرُّوحُ الْأَمِينُ

    इसे रूह़ुल-अमीन (अत्यंत विश्वसनीय फ़रिश्ता) लेकर उतरा है।

    26:193
  2. عَلَىٰ قَلْبِكَ لِتَكُونَ مِنَ الْمُنْذِرِينَ

    आपके दिल पर, ताकि आप सावधान करने वालों में से हो जाएँ।

    26:194

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी