सूरह 26 अश्-शु-अ़-रा, आयत 18 – 19

  1. قَالَ أَلَمْ نُرَبِّكَ فِينَا وَلِيدًا وَلَبِثْتَ فِينَا مِنْ عُمُرِكَ سِنِينَ

    (फ़िरऔन ने) कहा : क्या हमने तुझे अपने यहाँ इस हाल में नहीं पाला कि तू बच्चा था और तू हमारे बीच अपनी आयु के कई वर्ष रहा?

    26:18
  2. وَفَعَلْتَ فَعْلَتَكَ الَّتِي فَعَلْتَ وَأَنْتَ مِنَ الْكَافِرِينَ

    और तूने अपना वह काम किया, जो तूने किया। और तू अकृतज्ञों में से है।

    26:19

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी