सूरह 23 अल्-मुमिनून, आयत 5 – 7

  1. وَالَّذِينَ هُمْ لِفُرُوجِهِمْ حَافِظُونَ

    और जो अपने गुप्तांगों की रक्षा करने वाले हैं।

    23:5
  2. إِلَّا عَلَىٰ أَزْوَاجِهِمْ أَوْ مَا مَلَكَتْ أَيْمَانُهُمْ فَإِنَّهُمْ غَيْرُ مَلُومِينَ

    सिवाय अपनी पत्नियों या उन महिलाओं के जो उनके स्वामित्व में हैं, तो निःसंदेह वे निंदित नहीं हैं।

    23:6
  3. فَمَنِ ابْتَغَىٰ وَرَاءَ ذَٰلِكَ فَأُولَٰئِكَ هُمُ الْعَادُونَ

    फिर जो इसके अलावा तलाश करे, तो वही लोग सीमा का उल्लंघन करने वाले हैं।

    23:7

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी