सूरह 20 ताहा, आयत 92 – 94

  1. قَالَ يَا هَارُونُ مَا مَنَعَكَ إِذْ رَأَيْتَهُمْ ضَلُّوا

    (मूसा ने) कहा : ऐ हारून! तुझे किस बात ने रोका, जब तूने उन्हें देखा कि वे पथभ्रष्ट हो गए हैं?

    20:92
  2. أَلَّا تَتَّبِعَنِ ۖ أَفَعَصَيْتَ أَمْرِي

    कि तू मेरा अनुसरण न करे? तो क्या तूने मेरे आदेश की अवहेलना की?

    20:93
  3. قَالَ يَا ابْنَ أُمَّ لَا تَأْخُذْ بِلِحْيَتِي وَلَا بِرَأْسِي ۖ إِنِّي خَشِيتُ أَنْ تَقُولَ فَرَّقْتَ بَيْنَ بَنِي إِسْرَائِيلَ وَلَمْ تَرْقُبْ قَوْلِي

    उसने कहा : ऐ मेरी माँ के बेटे! न मेरी दाढ़ी पकड़ और न मेरा सिर। मैं तो इससे डरा कि तू कहेगा : तूने बनी इसराईल में फूट डाल दी और मेरी बात की प्रतीक्षा नहीं की।

    20:94

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी