सूरह 20 ताहा, आयत 29 – 30

  1. وَاجْعَلْ لِي وَزِيرًا مِنْ أَهْلِي

    तथा मेरे लिए मेरे अपने घरवालों में से एक सहायकबना दे।

    20:29
  2. هَارُونَ أَخِي

    हारून को, जो मेरा भाई है।

    20:30

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी