सूरह 19 मर्यम, आयत 90 – 91

  1. تَكَادُ السَّمَاوَاتُ يَتَفَطَّرْنَ مِنْهُ وَتَنْشَقُّ الْأَرْضُ وَتَخِرُّ الْجِبَالُ هَدًّا

    समीप है कि इस कथन के कारण आकाश फट पड़ें तथा धरती चिर जाए और और पहाड़ ध्वस्त होकर गिर पड़ें।

    19:90
  2. أَنْ دَعَوْا لِلرَّحْمَٰنِ وَلَدًا

    इस बात पर कि उन्होंने रहमान की संतान होने का दावा किया।

    19:91

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी