सूरह 18 अल्-कह्फ़, आयत 23 – 24

  1. وَلَا تَقُولَنَّ لِشَيْءٍ إِنِّي فَاعِلٌ ذَٰلِكَ غَدًا

    और किसी चीज़ के बारे में हरगिज़ न कहें : निःसंदेह मैं इसे कल करने वाला हूँ।

    18:23
  2. إِلَّا أَنْ يَشَاءَ اللَّهُ ۚ وَاذْكُرْ رَبَّكَ إِذَا نَسِيتَ وَقُلْ عَسَىٰ أَنْ يَهْدِيَنِ رَبِّي لِأَقْرَبَ مِنْ هَٰذَا رَشَدًا

    परंतु यह कि अल्लाह चाहे। तथा जब भूल जाएँ तो अपने पालनहार को याद करें और कहें : आशा है कि मेरा पालनहार मुझे हिदायत (भलाई) का इससे निकटतर मार्ग दिखा दे।

    18:24

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी