सूरह 15 अल्-ह़िज्र, आयत 78 – 79
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وَإِنْ كَانَ أَصْحَابُ الْأَيْكَةِ لَظَالِمِينَ
और निःसंदेह 'ऐका' वाले निश्चित रूप से अत्याचारी थे।
15:78 -
فَانْتَقَمْنَا مِنْهُمْ وَإِنَّهُمَا لَبِإِمَامٍ مُبِينٍ
तो हमने उनसे बदला लिया। और निःसंदेह वे दोनों (बस्तियाँ) स्पष्ट मार्ग पर हैं।
15:79
अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari