सूरह 11 हूद, आयत 82 – 83

  1. فَلَمَّا جَاءَ أَمْرُنَا جَعَلْنَا عَالِيَهَا سَافِلَهَا وَأَمْطَرْنَا عَلَيْهَا حِجَارَةً مِنْ سِجِّيلٍ مَنْضُودٍ

    फिर जब हमारा आदेश आ गया, तो हमने उस बस्ती को तहस-नहस कर दिया और उनपर कंकरियों की ताबड़-तोड़ बारिश कर दी।

    11:82
  2. مُسَوَّمَةً عِنْدَ رَبِّكَ ۖ وَمَا هِيَ مِنَ الظَّالِمِينَ بِبَعِيدٍ

    जो तेरे पालनहार के यहाँ चिह्न लगाई हुई थीं और वह अत्याचारियों से कुछ दूर नहीं।

    11:83

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी