सूरह 11 हूद, आयत 12 – 13
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فَلَعَلَّكَ تَارِكٌ بَعْضَ مَا يُوحَىٰ إِلَيْكَ وَضَائِقٌ بِهِ صَدْرُكَ أَنْ يَقُولُوا لَوْلَا أُنْزِلَ عَلَيْهِ كَنْزٌ أَوْ جَاءَ مَعَهُ مَلَكٌ ۚ إِنَّمَا أَنْتَ نَذِيرٌ ۚ وَاللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ وَكِيلٌ
तो (ऐ नबी!) संभवतः आप अपनी ओर की जाने वाली वह़्य के कुछ भाग (का प्रसार) छोड़ देने वाले हैं, और उसके (प्रसार के) कारण आपका सीना तंग हो रहा है कि वे कहेंगे कि इसपर कोई ख़ज़ाना क्यों नहीं उतारा गया या इसके साथ कोई फरिश्ता क्यों नहीं आया? (तो सुनिए) आप केवल सचेत करने वाले हैं और अल्लाह ही प्रत्येक चीज़ का संरक्षक है।
11:12 -
أَمْ يَقُولُونَ افْتَرَاهُ ۖ قُلْ فَأْتُوا بِعَشْرِ سُوَرٍ مِثْلِهِ مُفْتَرَيَاتٍ وَادْعُوا مَنِ اسْتَطَعْتُمْ مِنْ دُونِ اللَّهِ إِنْ كُنْتُمْ صَادِقِينَ
बल्कि क्या वे कहते हैं कि उसने इस (क़ुरआन) को स्वयं गढ़ लिया है? आप कह दें कि इस जैसी गढ़ी हुई दस सूरतें ले आओ और अल्लाह के सिवा, जिसे बुला सकते हो, बुला लो, यदि तुम सच्चे हो।
11:13
अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari