सूरह 107 अल्-माऊ़न, आयत 4 – 7

  1. فَوَيْلٌ لِلْمُصَلِّينَ

    तो विनाश है उन नमाज़ियों के लिए,

    107:4
  2. الَّذِينَ هُمْ عَنْ صَلَاتِهِمْ سَاهُونَ

    जो अपनी नमाज़ से लापरवाह हैं।

    107:5
  3. الَّذِينَ هُمْ يُرَاءُونَ

    वे जो दिखावा करते हैं।

    107:6
  4. وَيَمْنَعُونَ الْمَاعُونَ

    तथा साधारण बरतने की चीज़ भी माँगने से नहीं देते।

    107:7

अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी