सूरह 107 अल्-माऊ़न, आयत 1 – 3
-
أَرَأَيْتَ الَّذِي يُكَذِّبُ بِالدِّينِ
(ऐ नबी!) क्या आपने उसे देखा, जो बदले के दिन को झुठलाता है?
107:1 -
فَذَٰلِكَ الَّذِي يَدُعُّ الْيَتِيمَ
तो यही है, जो अनाथ (यतीम) को धक्के देता है।
107:2 -
وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ الْمِسْكِينِ
तथा ग़रीब को खाना खिलाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करता है।
107:3
अनुवाद: अज़ीज़ुल हक़ अल-उमरी