सूरह 105 अल्-फ़ील, आयत 1 – 5
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أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِأَصْحَابِ الْفِيلِ
क्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे पालनहार ने हाथी वालों के साथ किस तरह किया?
105:1 -
أَلَمْ يَجْعَلْ كَيْدَهُمْ فِي تَضْلِيلٍ
क्या उसने उनकी चाल को विफल नहीं कर दिया?
105:2 -
وَأَرْسَلَ عَلَيْهِمْ طَيْرًا أَبَابِيلَ
और उनपर झुंड के झुंड पक्षी भेजे।
105:3 -
تَرْمِيهِمْ بِحِجَارَةٍ مِنْ سِجِّيلٍ
जो उनपर पकी हुई मिट्टी (खंगर) की कंकड़ियाँ फेंक रहे थे।
105:4 -
فَجَعَلَهُمْ كَعَصْفٍ مَأْكُولٍ
तो उसने उन्हें खाए हुए भूसे की तरह कर दिया।
105:5
अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari